Sree Lakshmi Stuti By Lord Indra in Hindi, English and Tamil lyrics with meaning Sree Lakshmi Stuti By Lord Indra In Hindi meaning lyrics नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।1।। इन्द्र बोले, श्रीपीठपर स्थित और देवताओं से पूजित होने वाली हे महामाये। तुम्हें नमस्कार है। हाथ में शंख, चक्र और गदा धारण करने वाली हे महालक्ष्मी! तुम्हें प्रणाम है। नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरà¤à¤¯ंकरि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।2।। गरुड़ पर आरुढ़ हो कोलासुर को à¤à¤¯ देने वाली और समस्त पापों को हरने वाली हे à¤à¤—वति महालक्ष्मी! तुम्हें प्रणाम है। सर्वज्ञे सर्ववरदे देवी सर्वदुष्टà¤à¤¯ंकरि। सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।3।। सब कुछ जानने वाली, सबको वर देने वाली, समस्त दुष्टों को à¤à¤¯ देने वाली और सबके दु:खों को दूर करने वाली, हे देवि महालक्ष्मी! तुम्हें नमस्कार है। सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि à¤ुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।4।। सिद्धि, बुद्धि, à¤ोग और मोक्ष देने वाली हे मन...